पारसी समुदाय में अंतिम संस्कार को दोखमेनाशिनी (Dokhmenashini) कहते हैं, जिसमें शव को जलाया, दफनाया या पानी में नहीं डाला…
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मृत्यु के बाद अस्थियों को नदियों में प्रवाहित करने का महत्व धार्मिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक है, जिससे मृत आत्मा को…
Read More »मृत्यु के बाद पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) में शरीर का विलीन होना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शरीर को…
Read More »शव यात्रा (अर्थी) मुख्य रूप से मृतक की आत्मा की शांति और उसे अगले लोक की यात्रा कराने के लिए…
Read More »दिल्ली में मुख्य रूप से दो युद्ध स्मारक हैं: इंडिया गेट (India Gate), जो प्रथम विश्व युद्ध और अफगान युद्धों…
Read More »डॉ. बी.आर. अंबेडकर का समाधि स्थल चैत्य भूमि है, जो मुंबई (महाराष्ट्र) के दादर चौपाटी पर स्थित है, और यह…
Read More »चंद्रशेखर आज़ाद की समाधि (या जहाँ उनका अंतिम संस्कार हुआ) मुख्य रूप से प्रयागराज (पहले इलाहाबाद) के रसूलाबाद घाट पर…
Read More »सुभाष चंद्र बोस भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” और “जय…
Read More »There will be no separate samadhis for VVIPs in Delhi as the government in May 2013 decided to have a…
Read More »सिख समुदाय ने रविवार को राजधानी में अस्थि विसर्जन के लिए नवनिर्मित “अस्थ घाट” का उद्घाटन किया। यमुना नदी के…
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