पारसी समुदाय में अंतिम संस्कार को दोखमेनाशिनी (Dokhmenashini) कहते हैं, जिसमें शव को जलाया, दफनाया या पानी में नहीं डाला…
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पगड़ी रस्म मुख्य रूप से परिवार के सबसे बड़े पुरुष सदस्य की मृत्यु के बाद, परिवार के मुखिया के रूप…
Read More »श्राद्ध पक्ष का महत्व मृत पूर्वजों (पितरों) की आत्मा की शांति, उन्हें तृप्त करने और उनके प्रति श्रद्धा व कृतज्ञता…
Read More »महर्षि वेदव्यास ने अठारह पुराणों का संकलन किया। इन में से तीन पुराण- श्रीमद्भागवत् महापुराण, विष्णुपुराण और गरुड़पुराण (Garuda Puran…
Read More »हाँ,धार्मिक मान्यताओं (जैसे हिन्दू धर्म, ईसाई धर्म) के अनुसार, दिव्य आत्मा (या पवित्र आत्मा/आत्मा) हमेशा मौजूद रहती है; यह अविनाशी,…
Read More »बड़ी हस्तियां दान-पुण्य कई कारणों से करती हैं, जिनमें धार्मिक विश्वास (पुण्य कमाना, सौभाग्य बढ़ाना), सामाजिक जिम्मेदारी (समाज कल्याण), अपनी…
Read More »भारतीय संस्कृति में घर को एक मंदिर की उपमा से अलकृंत क्यों किया गया है…?। इसका शाब्दिक और सांस्कृतिक अर्थ…
Read More »चंद्रशेखर आज़ाद की समाधि (या जहाँ उनका अंतिम संस्कार हुआ) मुख्य रूप से प्रयागराज (पहले इलाहाबाद) के रसूलाबाद घाट पर…
Read More »An attempt to rescue his pet macaw (a type of parrot) turned fatal for a 32-year-old businessman in Bengaluru after…
Read More »शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की समाधि पंजाब के फिरोजपुर जिले में हुसैनीवाला बॉर्डर (Hussainiwala Border) पर स्थित है,…
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