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श्रीमती जयश्री व्यास

स्वर्गवास-16 जून 2024

ना जाने क्यों मुझे अपना ही घर
आज अनजान सा लगता है।
तेरे जाने के बाद ये घर, घर नहीं
मकान लगता है।

श्रद्धावनत
हितेंद्र व्यास-पति, सत्येंद्र व्यास-पुत्र
एवं समस्त परिवार,
भोपाल

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