Death AnniversariesFebruary

मीरा कोटवानी


स्वर्गवास 14.2 2006

जीवन की अविरल धारा में, कुछ मोड़ पीछे छूट जाते हैं।
मंजिलें तो कई आती हैं पर, कुछ लोग छूट जाते हैं
आपका हाथ जरूर छूटा हमसे
पर नहीं छूटा साथ,
मन मंेे हर पल आप बसते यही है हमें विश्वास
आपके सपनों की राह मंे हर घड़ी

श्रद्धावनत
मोहनलाल कोटवानी-पति,कमल कोटवानी-पुत्र,
तान्या कोटवानी,गुंजन ओछवानी,कशिश नैनानी,
निशा कुंदनानी

भोपाल

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