-वृद्धावस्था समय सबसे अधिक लम्बा क्यों होता है..?

बुढ़ापा अर्थात वृद्धावस्था का समय सबसे लम्बा अर्थात अधिक अवधि तक क्यों होता है…? कभी इस बारे में आपने सोंचा या अध्ययन किया है..?। शायद नहीं। इस विषय पर चिंतन करने से पहले आप बरगद के पेड़ को अवश्य देखें। बरगद का पेड़ जितना घना होता जाता है उतना ही उसकी जड़ें भी मजबूत होती हैं तो उसकी टहनियां अर्थात डालियां भी। शहरों में अब बरगद के पेड़ नहीं दिखाई पड़ते हैं लेकिन ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में आज भी बरगद के पेड़ दिखाई पड़ जाएंगे। अगर कभी बरगद के पेड़ के पास रूककर उसे गौर से देखें तो पाएंगे कि उसकी छांव या छांह गर्मी के दिनों में सबसे अधिक शीतलता और सुकून देती है। बरसात के दिनों में यही बरगद का पेड़ किसी भी राहगीर को वर्षा से बचाता है तो ठंड के दिनों में भी अपनी गर्मी और छाया राहगीरों को देता है। बरगद के पेड़ की उम्र कितनी होती है शायद ही किसी को पता हो लेकिन हमारे देश में कई स्थानों पर ऐसे सैकड़ों बरगद के पेड़ मिल जाएंगे जो सैकड़ों वर्षांे से मौजूद हैं और लोग श्रद्धावान लोग उनकी पूजा भी करते हैं।
बरगद के पेड़ की तरह की स्थिति इंसान के जीवन में है। इंसान का जीवन प्रौढ़ावस्था के बाद वृद्धावस्था की तरफ जैसे ही बढ़ना आरम्भ होता है तो फिर वह रूकता नहीं है। बढ़ती उम्र के साथ ही शरीर तो कमजोर होता जाता है लेकिन उस वृद्ध व्यक्ति के मस्तिष्क में विचारों और अनुभव का खजाना लगातार बढ़ने के साथ संग्रहित होता चला जाता है। जब भी परिवार में किसी को कष्ट या विपदा आती है तब वह वृद्ध व्यक्ति अपने विचारों और अनुभव से परिवार के अन्य सदस्यों को सांत्वना, मजबूती और संभलने के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है। उनके अनुभव को लेकर जो लोग आगे बढ़ते हैं उन परिवारों या व्यक्तियों को कभी दिक्कत या परेशानी नहीं आती।
इसलिए जरूरी है कि हम अपने वृद्धों को अंतिम सांस लेने से पहले उनका सम्मान, देखभाल और सेवा करें तथा उनके अनुभव के खजाने को संग्रहित कर लें अपने मस्तिष्क और जीवन में। इंसान का जीवन सुखद ही रहेगा।
(लेखक-शेखर कपूर 10 फरवरी 2026)



