(J) आनंद पटेल

Advisory Board Member
जैव-विविधता विशेषज्ञ ,पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक
आनंद पटेल एक समर्पित पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक हैं, जो विगत 17 वर्षों से पर्यावरण शिक्षा, जैव-विविधता संरक्षण एवं सामाजिक विकास के विविध क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उनका कार्यक्षेत्र पर्यावरणीय सततता, ग्रामीण आजीविका, जल-जंगल-जमीन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा सामुदायिक सहभागिता पर केंद्रित रहा है। उन्होंने सरकारी एवं गैर-सरकारी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर अनेक ग्रामीण विकास एवं पर्यावरणीय परियोजनाओं का सफल संचालन एवं क्रियान्वयन किया है।
शैक्षणिक दृष्टि से आनंद पटेल की पृष्ठभूमि सुदृढ़ एवं बहुआयामी है। उन्होंने वर्ष 2004 में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से जलीय पर्यावरण विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्रथम श्रेणी में प्राप्त की। इसके पश्चात वर्ष 2011 में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर से ग्रामीण प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि भी प्रथम श्रेणी में अर्जित की। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों से पर्यावरण, जैव-विविधता, आजीविका एवं ग्रामीण विकास से संबंधित अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता की है, जिससे उनके कार्यों को वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।
आनंद पटेल पर्यावरण एवं प्रकृति से जुड़े विषयों पर एक सक्रिय लेखक भी हैं। उनके लेख निरंतर प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं स्थानीय समाचार पत्रों, पत्रिकाओं तथा मीडिया मंचों में प्रकाशित होते रहे हैं। उनके लेखन का उद्देश्य पर्यावरणीय मुद्दों पर जन-जागरूकता बढ़ाना तथा व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करना है। उनका लेखन सरल, तथ्यपरक और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए सहज रूप से ग्राह्य है। इसके साथ ही पर्यावरण विषयक उनकी अनेक वार्ताएँ दूरदर्शन, आकाशवाणी एवं एफएम रेडियो पर प्रसारित हो चुकी हैं।
वर्ष 2010 में उन्होंने पर्यावरण शिक्षा एवं संरक्षण समिति की स्थापना की, जो पर्यावरण शिक्षा, जैव-विविधता संरक्षण, जल संरक्षण, मधुमक्खी पालन तथा सतत आजीविका को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। वर्ष 2023 में उन्होंने भोपाल में मध्य प्रदेश का प्रथम साहित्य केंद्र स्थापित किया, जिसके माध्यम से साहित्य, पर्यावरण एवं सामाजिक चेतना के समन्वय को एक नया मंच प्रदान किया गया।
उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2022 में उन्हें पर्यावरण के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य हेतु नानाजी देशमुख पर्यावरण मित्र सम्मान तथा सुंदरलाल बहुगुणा राष्ट्रीय समर्पण समाज गौरव सम्मान प्रदान किया गया। वर्ष 2025 में उन्हें रेक्स कर्मवीर चक्र सम्मान से सम्मानित किया जाना उनके राष्ट्रीय स्तर के योगदान को रेखांकित करता है। वे राष्ट्रीय पर्यावरण संसद, राष्ट्रीय जल संसद एवं राष्ट्रीय बौद्धिक संसद की आयोजक केंद्रीय समितियों से भी संबद्ध रहे हैं।
वर्तमान में आनंद पटेल मध्य प्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड में विशेषज्ञ के रूप में स्वतंत्र रूप से सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। साथ ही वे प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों एवं संस्थानों में पर्यावरण शिक्षा, उन्नत कृषि पद्धतियों तथा मधुमक्खी पालन विषय पर आमंत्रित विषय-विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान देते हैं।
आनंद पटेल का जीवन एवं कार्य पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में कार्यरत युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत है।



